डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन में भारतीय IT कंपनियों के साथ भेदभाव बढ़ा

वाशिंगटन: वाशिंगटन से समाचार एजेंसी भाषा के मुताबिक, अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन की अति प्रतिबंधात्मक नीतियों के चलते एच-1बी आवेदनों को खारिज किए जाने की दर 2015 के मुकाबले इस साल बहुत अधिक बढ़ी है. एक अमेरिकी थिंक टैंक की तरफ से किए गए अध्ययन में यह भी सामने आया है कि नामी-गिरामी भारतीय IT कंपनियों के एच-1बी आवेदन सबसे ज्यादा खारिज किए गए हैं.
ये आंकड़े उन आरोपों को बल देते हैं कि मौजूदा प्रशासन अनुचित ढंग से भारतीय कंपनियों को निशाना बना रहा है. नेशनल फाउंडेशन फॉर अमेरिकन पॉलिसी की ओर से किए गए इस अध्ययन के मुताबिक 2015 में जहां छह प्रतिशत एच-1बी आवेदन खारिज किए जाते थे, वहीं मौजूदा वित्तवर्ष में यह दर बढ़कर 24 प्रतिशत हो गई है. यह रिपोर्ट अमेरिका की नागरिकता एवं आव्रजन सेवा यानि USCIS से प्राप्त आंकड़ों पर आधारित है.

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