एनआरसी पर अमित शाह के बयानों को पीएम मोदी ने खारिज कर दिया है?

नागरिकता कानून (CAA) बनने के बाद से लोग विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, हालांकि लोगों के प्रदर्शन की मुख्य वजह एनआरसी (राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर) है!. देश के मुसलमानों में डर है कि उनसे नागरिकता साबित करने के लिए पुरखों के दस्तावेज मांगे जाएंगे. अगर वो दस्तावेज दिखाने में नाकाम रहे तो फिर उन्हें डिटेंशन सेंटर भेज दिया जाएगा. वहीं किसी और धर्म का नागरिक हुआ तो वो खुद को धार्मिक उत्पीड़न का शिकार बताकर यहां की नागरिकता पा लेगा.

रविवार को पीएम मोदी ने रामलीला ग्रांउड में ‘आभार रैली’ को संबोधित करते हुए कहा कि इस तरह की कोई बात नहीं है. साल 2014 से ही एनआरसी शब्द पर कोई चर्चा नहीं हुई है. कोई बात नहीं हुई है. सिर्फ सुप्रीम कोर्ट के कहने पर यह असम के लिए करना पड़ा.

हालांकि लोकसभा और राज्यसभा में गृह मंत्री अमित शाह ने स्पष्ट किया था कि देश में एनआरसी लागू होकर रहेगा. ऐसे में लोग किसके बयान पर भरोसा करें, क्योंकि दोनों (पीएम मोदी और अमित शाह) के बयान एक दूसरे के उलट हैं.

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